प्राचीन भारत पर विदेशी आक्रमण | ईरानी आक्रमण | यूनानी आक्रमण | सिकंदर का आक्रमण | भारत पर विदेशी आक्रमण MCQ
जय हिन्द मेरे प्रिय दोस्तों अगर आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो आप सभी के लिए आज का टॉपिक बहुत ही रामबाण साबित होने वाला है । दोस्तों आप सभी जानते है कि हर एक प्रतियोगी परीक्षा में मध्यकालीन भारत का इतिहास से प्रश्न अवश्य आते है हम आपको इस लेख में यही जानकारी देने वाले है भारत पर विदेशी आक्रमण से MCQ जो हर एक प्रतियोगी परीक्षा को देखते हुए बनाया गया है । तो आइये जानते है ।
भारत के इतिहास में विदेशी आक्रमणों का एक लंबा और जटिल इतिहास रहा है, जिसने देश की राजनीति, संस्कृति और सामाजिक संरचना को गहराई से प्रभावित किया है। इन आक्रमणों को सुविधा के लिए विभिन्न कालखंडों में बांटा जा सकता है-
ईरानी और यूनानी आक्रमण
ईरानी आक्रमण (छठी शताब्दी ईसा पूर्व):
आक्रमणकारी: हखामनी वंश के शासक, विशेषकर साइरस ( Cyrus) द्वितीय और डेरियस (Darius) प्रथम।
प्रभाव: डेरियस ने सिंधु घाटी के बड़े हिस्से को अपने साम्राज्य में मिला लिया। यह पहला बड़ा विदेशी आक्रमण था, जिससे भारत और पश्चिम के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध स्थापित हुए।
यूनानी (मकदूनियाई) आक्रमण (326 ईसा पूर्व):
आक्रमणकारी: सिकंदर (Alexander the Great)।
विवरण: सिकंदर ने खैबर दर्रे से प्रवेश किया और पंजाब के राजा पोरस को झेलम नदी के तट पर ‘हाइडस्पेस’ के युद्ध में हराया। हालांकि, उसकी सेना ने आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।
प्रभाव: इस आक्रमण ने यूरोप और भारत के बीच सीधे संपर्क के द्वार खोल दिए। इसने चंद्रगुप्त मौर्य को उत्तर भारत में एक मजबूत साम्राज्य स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
मौर्योत्तर काल के आक्रमण
मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद, उत्तर-पश्चिमी सीमा पर कई आक्रमण हुए:
हिन्द-यूनानी (Indo-Greeks):
आक्रमणकारी: डेमेट्रियस और मिनांडर (Minander/मिलिंद)।
प्रभाव: उन्होंने उत्तर भारत में अपने राज्य स्थापित किए और भारतीय संस्कृति को अपनाया। मिनांडर बौद्ध धर्म का अनुयायी बन गया।
शक (Scythians):
आक्रमणकारी: मध्य एशिया से आए ये खानाबदोश समूह।
प्रभाव: शकों ने पश्चिमोत्तर भारत में कई रियासतें स्थापित कीं, जिन्हें ‘क्षत्रप’ कहा जाता था। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने शकों को हराया और ‘विक्रम संवत’ की शुरुआत की।
पार्थियन (पह्लव) और कुषाण:
आक्रमणकारी: कुषाणों में कनिष्क सबसे प्रमुख था।
प्रभाव: कनिष्क के शासनकाल में भारत में कला, संस्कृति और बौद्ध धर्म का बड़ा विकास हुआ। ‘गांधार कला’ इसी काल में विकसित हुई।
2. मध्यकालीन भारत के आक्रमण
मध्यकाल में आक्रमणों का स्वरूप बदला, ये मुख्यतः इस्लाम के प्रसार और धन लूटने के उद्देश्य से हुए।
A. अरब आक्रमण (712 ईस्वी)
आक्रमणकारी: मुहम्मद बिन कासिम (अरब सेनापति)।
विवरण: उसने सिंध के राजा दाहिर को हराया और सिंध पर कब्ज़ा कर लिया। यह भारत में इस्लाम का पहला सफल प्रवेश था।
B. तुर्क आक्रमण
महमूद गजनवी (1000-1027 ईस्वी):
उद्देश्य: मुख्य उद्देश्य भारत की संपत्ति लूटना था। उसने भारत पर 17 बार आक्रमण किए।
प्रमुख हमला: 1025 ईस्वी में गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर किया गया हमला सबसे विनाशकारी था।
मुहम्मद गोरी (1175-1206 ईस्वी):
उद्देश्य: भारत में मुस्लिम शासन स्थापित करना।
प्रमुख युद्ध:
तराइन का प्रथम युद्ध (1191): पृथ्वीराज चौहान ने गोरी को हराया।
तराइन का द्वितीय युद्ध (1192): गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को हराया, जिससे भारत में स्थायी तुर्क शासन की नींव पड़ी।
C. मंगोल आक्रमण
आक्रमणकारी: चंगेज खान (उसके नेतृत्व में नहीं, लेकिन उसके वंशज)।
विवरण: दिल्ली सल्तनत के काल में मंगोलों के कई हमले हुए। अलाउद्दीन खिलजी और ग्यासुद्दीन बलबन जैसे सुल्तानों ने सफलतापूर्वक उनका सामना किया।
D. तैमूर का आक्रमण (1398 ईस्वी)
आक्रमणकारी: तैमूर (समरकंद का शासक)।
विवरण: उसने दिल्ली पर हमला किया, भारी लूटपाट और नरसंहार किया। इस आक्रमण ने दिल्ली सल्तनत को कमजोर कर दिया।
3. आधुनिक काल के आक्रमण
A. बाबर का आक्रमण (1526 ईस्वी)
आक्रमणकारी: बाबर (मुगल वंश का संस्थापक)।
प्रमुख युद्ध: पानीपत का प्रथम युद्ध (1526) में उसने इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
B. यूरोपीय शक्तियों का आगमन
आधुनिक काल में, यूरोपीय शक्तियों—पुर्तगाली, डच, अंग्रेज और फ्रांसीसी—ने व्यापार के बहाने भारत में प्रवेश किया और धीरे-धीरे राजनीतिक शक्ति हासिल कर ली, जो अंततः ब्रिटिश उपनिवेशवाद में बदल गई।
भारत पर विदेशी आक्रमण MCQ: व्याख्या सहित
1. भारत पर पहला सफल विदेशी आक्रमण किसने किया था?
A) सिकंदर (अलेक्जेंडर)
B) चंगेज खान
C) डेरियस प्रथम (ईरानी/फ़ारसी)
D) मुहम्मद बिन कासिम
व्याख्या: भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर पहला सफल आक्रमण हखामनी शासक साइरस ने किया था, लेकिन डेरियस प्रथम (518 ईसा पूर्व) ने पंजाब और सिंध क्षेत्र पर कब्ज़ा करके इसे अपने साम्राज्य का 20वां प्रांत (क्षत्रपी) बनाया।
2. सिकंदर (अलेक्जेंडर) ने भारत पर किस वर्ष आक्रमण किया था?
A) 323 ईसा पूर्व
B) 326 ईसा पूर्व
C) 330 ईसा पूर्व
D) 345 ईसा पूर्व
व्याख्या: मकदूनिया के शासक सिकंदर ने 326 ईसा पूर्व में खैबर दर्रे के माध्यम से भारत में प्रवेश किया और उत्तर-पश्चिमी भारत को जीतना शुरू किया।
3. सिकंदर और राजा पोरस के बीच प्रसिद्ध ‘हाइडस्पेस’ का युद्ध किस नदी के तट पर लड़ा गया था?
A) सिंधु
B) गंगा
C) रावी
D) झेलम (वितस्ता)
व्याख्या: इस युद्ध को ‘झेलम का युद्ध’ या ‘वितस्ता का युद्ध’ भी कहा जाता है। सिकंदर ने राजा पोरस की बहादुरी से प्रभावित होकर उसे अपना जीता हुआ राज्य वापस कर दिया था।
4. प्राचीन भारत में आक्रमणकारियों का सही कालानुक्रमिक क्रम क्या है (आरंभिक से नवीनतम तक)?
A) कुषाण, शक, यूनानी
B) शक, यूनानी, कुषाण
C) यूनानी, शक, कुषाण
D) यूनानी, कुषाण, शक
व्याख्या: मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद, सबसे पहले हिन्द-यूनानी (Indo-Greeks), फिर शक (Scythians), और अंत में कुषाणों ने भारत पर आक्रमण किया और अपने राज्य स्थापित किए।
5. भारत में ‘हिन्द-यूनानी’ (Indo-Greeks) शासकों में सबसे प्रसिद्ध शासक कौन था, जिसने बौद्ध धर्म अपना लिया था?
A) डेमेट्रियस
B) मिनांडर (मिलिंद)
C) यूथीडेमस
D) अपोलोडोटस
व्याख्या: राजा मिनांडर अपने प्रश्नोत्तर के लिए प्रसिद्ध है, जिसे बौद्ध भिक्षु नागसेन ने ‘मिलिंदपन्हो’ नामक ग्रंथ में लिपिबद्ध किया था।
6. भारत पर पहला सफल अरब आक्रमण 712 ईस्वी में किसके नेतृत्व में हुआ था?
A) महमूद गजनवी
B) मुहम्मद गोरी
C) मुहम्मद बिन कासिम
D) नादिर शाह
व्याख्या: उमय्यद खलीफा के सेनापति मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया और राजा दाहिर को हराकर कब्ज़ा कर लिया, जो भारत में पहला सफल मुस्लिम आक्रमण था।
7. महमूद गजनवी ने भारत पर कितनी बार आक्रमण किया था?
A) 10 बार
B) 12 बार
C) 15 बार
D) 17 बार
व्याख्या: गजनवी का उद्देश्य भारत में स्थायी शासन स्थापित करना नहीं, बल्कि यहाँ की संपत्ति को लूटकर गजनी ले जाना था। उसने 1000 ईस्वी से 1027 ईस्वी के बीच 17 बार आक्रमण किए।
8. महमूद गजनवी का सबसे प्रसिद्ध आक्रमण 1025 ईस्वी में किस मंदिर पर था?
A) काशी विश्वनाथ मंदिर
B) कोणार्क सूर्य मंदिर
C) सोमनाथ मंदिर
D) केदारनाथ मंदिर
व्याख्या: गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हमला महमूद गजनवी का सबसे विनाशकारी हमला था, जहाँ से उसने अपार धन संपदा लूटी।
9. तराइन का प्रथम युद्ध (1191 ईस्वी) किसके बीच लड़ा गया था?
A) महमूद गजनवी और पृथ्वीराज चौहान
B) मुहम्मद गोरी और पृथ्वीराज चौहान
C) बाबर और इब्राहिम लोदी
D) अकबर और हेमू
व्याख्या: इस युद्ध में अजमेर और दिल्ली के राजपूत शासक पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी को बुरी तरह हराया था।
10. किस युद्ध ने भारत में मुस्लिम शक्ति की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया?
A) तराइन का प्रथम युद्ध
B) तराइन का द्वितीय युद्ध
C) पानीपत का प्रथम युद्ध
D) खानवा का युद्ध
व्याख्या: 1192 ईस्वी में हुए तराइन के द्वितीय युद्ध में मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को हरा दिया। इस जीत के बाद भारत में स्थायी मुस्लिम शासन की नींव पड़ी।
11. चंदावर का युद्ध (1194 ईस्वी) किसके बीच हुआ था?
A) पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गोरी
B) मुहम्मद गोरी और जयचंद
C) बाबर और राणा सांगा
D) शेरशाह सूरी और हुमायूँ
व्याख्या: इस युद्ध में मुहम्मद गोरी ने कन्नौज के शासक राजा जयचंद को हराया, जिससे गोरी का नियंत्रण गंगा घाटी तक फैल गया।
12. ‘मंगोल’ आक्रमणकारी चंगेज खान किसके शासनकाल में भारत की उत्तर-पश्चिमी सीमा पर दिखाई दिया था?
A) बलबन
B) अलाउद्दीन खिलजी
C) फिरोजशाह तुगलक
D) इल्तुतमिश
व्याख्या: चंगेज खान ख्वारिज्म शाह के पुत्र जलालुद्दीन मंगबरनी का पीछा करते हुए इल्तुतमिश के शासनकाल में भारत की सीमा तक आ पहुंचा था। इल्तुतमिश ने कूटनीति से दिल्ली सल्तनत को मंगोल आक्रमण से बचाया।
13. किस सुल्तान ने मंगोलों के आक्रमण से बचने के लिए “लौह और रक्त” की नीति अपनाई थी?
A) अलाउद्दीन खिलजी
B) इल्तुतमिश
C) बलबन
D) मुहम्मद बिन तुगलक
व्याख्या: बलबन ने मंगोल खतरे का मुकाबला करने और सल्तनत में शांति स्थापित करने के लिए कठोर ‘लौह और रक्त’ (Iron and Blood) की नीति अपनाई, जिसमें दुश्मनों के प्रति क्रूरता शामिल थी।
14. तैमूर लंग (Timur the Lame) ने भारत पर किस वर्ष आक्रमण किया था?
A) 1298 ईस्वी
B) 1398 ईस्वी
C) 1498 ईस्वी
D) 1526 ईस्वी
व्याख्या: तैमूर के आक्रमण से दिल्ली सल्तनत बुरी तरह से कमज़ोर हो गई और तुगलक वंश का पतन हो गया।
15. तैमूर के आक्रमण के समय दिल्ली का सुल्तान कौन था?
A) अलाउद्दीन खिलजी
B) इब्राहिम लोदी
C) नासिरुद्दीन महमूद तुगलक
D) सिकंदर लोदी
व्याख्या: नासिरुद्दीन महमूद तुगलक के कमज़ोर शासन के दौरान तैमूर ने दिल्ली पर हमला किया।
16. बाबर ने भारत पर पहला आक्रमण किस वर्ष किया था?
A) 1526 ईस्वी
B) 1524 ईस्वी
C) 1519 ईस्वी
D) 1527 ईस्वी
व्याख्या: बाबर ने भारत पर पहला आक्रमण 1519 ईस्वी में यूसुफजई जाति के खिलाफ किया था, हालांकि पानीपत का युद्ध 1526 में लड़ा गया था।
17. पानीपत का प्रथम युद्ध (1526 ईस्वी) किसके बीच हुआ, जिससे भारत में मुगल साम्राज्य की नींव पड़ी?
A) राणा सांगा और बाबर
B) शेरशाह सूरी और बाबर
C) इब्राहिम लोदी और बाबर
D) हेमू और अकबर
व्याख्या: इस युद्ध में बाबर ने पहली बार भारत में तोपखाने और ‘तुलुगमा’ युद्ध नीति का सफल प्रयोग किया और लोदी वंश को समाप्त कर मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
18. नादिर शाह, जिसने 1739 ईस्वी में दिल्ली पर आक्रमण किया, किस देश का शासक था?
A) तुर्की
B) अफगानिस्तान
C) ईरान (फारस)
D) मंगोलिया
व्याख्या: नादिर शाह ईरानी शासक था, जिसने कमज़ोर पड़ चुके मुगल साम्राज्य पर आक्रमण किया।
19. नादिर शाह के आक्रमण के समय मुगल बादशाह कौन था?
A) औरंगजेब
B) फर्रुखसियर
C) बहादुर शाह जफर
D) मुहम्मद शाह ‘रंगीला’
व्याख्या: मुहम्मद शाह ‘रंगीला’ के शासनकाल में मुगल साम्राज्य की प्रतिष्ठा बहुत गिर चुकी थी। नादिर शाह ने करनाल के युद्ध में मुगल सेना को आसानी से हरा दिया था।
20. किस आक्रमणकारी ने भारत से कोहिनूर हीरा और मयूर सिंहासन लूटा था?
A) अहमद शाह अब्दाली
B) चंगेज खान
C) मुहम्मद गोरी
D) नादिर शाह
व्याख्या: नादिर शाह ने दिल्ली की लूट के दौरान प्रसिद्ध मयूर सिंहासन (Peacock Throne) और बेशकीमती कोहिनूर हीरा अपने साथ ईरान ले गया।
21. “तुलुगमा” (Tulughma) युद्ध नीति, जिसका उपयोग बाबर ने पानीपत के युद्ध में किया था, उसने यह रणनीति किससे सीखी थी?
A) मंगोलों से
B) अरबों से
C) उज़बेकों से (मध्य एशियाई तुर्कों)
D) ईरानियों से
व्याख्या: बाबर ने मध्य एशिया में अपने शुरुआती अभियानों के दौरान उज़बेकों से यह घेराबंदी की रणनीति सीखी थी। इसमें सेना को कई डिवीजनों में बांटना और दुश्मन को किनारे से घेरना शामिल था, जो पानीपत के युद्ध में इब्राहिम लोदी के खिलाफ बहुत प्रभावी साबित हुआ।
22. किस यूनानी राजदूत ने भारत में ‘भागवत धर्म’ (वैष्णव धर्म) अपना लिया था और बेसनगर में ‘गरुड़ स्तंभ’ स्थापित करवाया था?
A) मेगस्थनीज
B) हेलियोडोरस
C) डायोनिसियस
D) पेरिप्लस
व्याख्या: हेलियोडोरस एक इंडो-ग्रीक राजदूत था, जिसे तक्षशिला के राजा अंतियालकिडास ने शुंग वंश के शासक भागभद्र के दरबार में भेजा था। उसने विदिशा (बेसनगर) में भगवान विष्णु को समर्पित गरुड़ स्तंभ बनवाया था, जो भारतीय संस्कृति में यूनानी घुलने-मिलने का प्रमाण है।
23. किस मध्यकालीन शासक ने मंगोलों का मुकाबला करने के लिए अपनी सेना का पुनर्गठन किया और ‘दाग’ (घोड़ों को दागने) और ‘हुलिया’ (सैनिकों का विवरण) प्रथा शुरू की?
A) बलबन
B) इल्तुतमिश
C) अलाउद्दीन खिलजी
D) मुहम्मद बिन तुगलक
व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी को मंगोलों के लगातार हमलों का सामना करना पड़ा। उसने एक विशाल और कुशल स्थायी सेना बनाए रखने के लिए ‘दाग’ (घोड़ों पर मुहर लगाना) और ‘हुलिया’ (सैनिकों का विस्तृत रिकॉर्ड) प्रथा शुरू की ताकि भ्रष्टाचार और धोखेबाजी को रोका जा सके।
24. 1739 ईस्वी में नादिर शाह के आक्रमण के बाद दिल्ली पर किसका हमला हुआ, जिसे ‘दुर्रानी साम्राज्य’ का संस्थापक भी माना जाता है?
A) मीर जाफर
B) अहमद शाह अब्दाली (दुर्रानी)
C) प्लासी का नवाब
D) टीपू सुल्तान
व्याख्या: नादिर शाह की मृत्यु के बाद, उसके एक अफगान जनरल अहमद शाह अब्दाली (या दुर्रानी) ने भारत पर कई बार आक्रमण किए। उसने पानीपत का तीसरा युद्ध लड़ा और दुर्रानी साम्राज्य की स्थापना की।
25. शक राजा ‘रुद्रदामन प्रथम’ के बारे में जानकारी का मुख्य स्रोत क्या है, जिसने भारत पर शासन किया?
A) ‘मिलिंदपन्हो’ ग्रंथ
B) हाथीगुम्फा अभिलेख
C) जूनागढ़ शिलालेख (गिरनार अभिलेख)
D) प्रयाग प्रशस्ति
व्याख्या: जूनागढ़ शिलालेख संस्कृत में लिखा गया पहला लंबा शिलालेख माना जाता है। यह रुद्रदामन की उपलब्धियों, विजयों और सुदर्शन झील के जीर्णोद्धार का विस्तृत विवरण देता है।
26. भारत में सबसे पहले सोने के सिक्के जारी करने वाले विदेशी आक्रमणकारी कौन थे?
A) शक
B) कुषाण
C) हिन्द-यूनानी (इंडो-ग्रीक)
D) पार्थियन
व्याख्या: भारत में सबसे पहले सोने के सिक्के जारी करने का श्रेय हिन्द-यूनानी शासकों को जाता है, हालांकि कुषाण काल में सबसे शुद्ध और बड़ी संख्या में सोने के सिक्के जारी किए गए।
27. कुषाण वंश का सबसे महान शासक कनिष्क किस स्थान से भारत आया था?
A) अरब
B) ईरान
C) मध्य एशिया (चीन की सीमा के पास से)
D) अफगानिस्तान
व्याख्या: कुषाण मूल रूप से मध्य एशिया की यूची जनजाति से संबंधित थे। वे चीन की पश्चिमी सीमाओं से विस्थापित होकर भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में आए।
28. किस आक्रमणकारी को उसकी क्रूरता के कारण ‘विश्व का अभिशाप’ (Scourge of God) कहा जाता था?
A) तैमूर लंग
B) नादिर शाह
C) चंगेज खान
D) महमूद गजनवी
व्याख्या: मंगोल शासक चंगेज खान अपनी क्रूर विजयों और बड़े पैमाने पर नरसंहार के लिए जाना जाता था, इसी कारण उसे यह उपाधि दी गई थी।
29. जब मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया, तो वहाँ का शासक कौन था?
A) राजा पोरस
B) राजा जयचंद
C) राजा दाहिर
D) राजा पृथ्वीराज चौहान
व्याख्या: 712 ईस्वी के अरब आक्रमण के समय सिंध पर ब्राह्मण वंश के राजा दाहिर सेन का शासन था, जो युद्ध में मारे गए थे।
30. “पानीपत का तृतीय युद्ध” (1761 ईस्वी), जो कि एक महत्वपूर्ण विदेशी हस्तक्षेप था, किसके बीच लड़ा गया था?
A) अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के बीच
B) मराठा और अहमद शाह अब्दाली के बीच
C) मुगलों और सिखों के बीच
D) मराठा और मुगलों के बीच
व्याख्या: यह युद्ध मराठा साम्राज्य और अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली की सेनाओं के बीच लड़ा गया था। इसमें मराठों की हार हुई, जिसने भारत में ब्रिटिश शक्ति के उदय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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